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चंद्रपुर : गायत्री शक्तिपीठ के नवीन प्रकल्प का भव्य भूमिपूजन; सुधीर मुनगंटीवार ने दी 2.51 लाख की निधि.

लाखों तुलसी के पौधों से महकेगा ‘वृंदावन पर्वत’, 2027 में होगा 251 कुंडीय महायज्ञ.
चंद्रपुर:
स्थानीय श्री वेदमाता गायत्री शक्तिपीठ में आज ‘प्रखर प्रज्ञा-सजल श्रद्धा’ के दिव्य वातावरण में नवीन प्रकल्प का भूमिपूजन समारोह अत्यंत उत्साह और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में आचार्य श्री सूरत सिंह अमृतें जी के पौरोहित्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आधारशिला रखी गई।
इस मांगलिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री व विधायक माननीय श्री सुधीर भाऊ मुनगंटीवार एवं सौ. सपना ताई मुनगंटीवार उपस्थित थे। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष श्री रोडमल गहलोद, श्रीमती लक्ष्मी अग्रवाल, श्री सरकार जी,श्री गिरीश चांडक ,श्री अरविंद सोनी,श्री मनोहर भाई टहलियानी,श्री मुकेश भट्टड़,श्री अरुण शुक्ला, हिंदी ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी  एवं संस्थापक अध्यक्ष श्री विनोद तिवारी सहित चंद्रपुर एवं गढ़चिरौली के गायत्री परिजन बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।
हरिद्वार में आयोजित अखंड दीपक जन्मशताब्दी में समय दान देने वाले श्री बंडू जी रोहने,सौ. ईटनकर ताई का मंत्र दुपट्टा पहनाकर स्वागत सत्कार किया गया।
विकास कार्यों की घोषणा और प्रशासनिक तत्परता
विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने शक्तिपीठ के निर्माण कार्य हेतु 2 लाख 51 हजार रुपए की व्यक्तिगत राशि समर्पित की। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु शक्तिपीठ तक आने वाले मार्ग को एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने की गारंटी दी। इस संदर्भ में उन्होंने बताया कि 7 फरवरी को महाडा (MHADA) के अधिकारियों के साथ गायत्री शक्तिपीठ में एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि मार्ग निर्माण का कार्य तत्काल गति पकड़ सके।
भविष्य की योजनाएं: 251 कुंडीय यज्ञ और ‘वृंदावन पर्वत’
भाऊ मुनगंटीवार ने चंद्रपुर की पावन धरा पर वर्ष 2027 में 251 कुंडीय गायत्री महायज्ञ आयोजित करने की अपनी इच्छा पुनः दोहराई। साथ ही, उन्होंने पहाड़ियों पर लाखों तुलसी के पौधे रोपने के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए इसे ‘वृंदावन पर्वत’ या उपवन के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया।
भक्तों का उमड़ा उत्साह: _खुला कुबेर का द्वार_
समारोह के दौरान गायत्री परिजनों की श्रद्धा देखते ही बनती थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूज्य गुरुदेव और वंदनीय माताजी ने इस प्रकल्प के लिए कुबेर का द्वार खोल दिया हो। परिजनों ने स्वेच्छा से 8 लाख रुपए से अधिक की नकद राशि दान की। इसके अतिरिक्त, कई श्रद्धालुओं ने गिट्टी, सीमेंट और रेती जैसी निर्माण सामग्री ‘वास्तुदान’ के रूप में देने का संकल्प लिया।
विशिष्ट स्वागत और संकल्प
कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का स्वागत गायत्री परिवार की परंपरा अनुसार मंत्र दुपट्टा, रुद्राक्ष माला और पूज्य गुरुदेव के युग साहित्य प्रदान कर किया गया। भूमिपूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने ‘एक ईंट गुरुदेव एवं माताजी  के नाम’ का संकल्प लेकर पूरी श्रद्धा के साथ पूजन में ईंटें अर्पित कीं।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित जनों ने ‘महाप्रसाद’ का लाभ लिया। इस आयोजन की सफलता हेतु श्री वेदमाता गायत्री शक्तिपीठ की प्रबंधन समिति के सभी सदस्यों ने अथक परिश्रम किया।

The Patil News